Tuesday, April 21, 2026
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फर्जी थाना प्रभारी गिरफ्तार, वर्दी, नेमप्लेट और पुलिसिया अंदाज से की थी लाखों की ठगी…

खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को ‘थाना प्रभारी’ बताकर कई लोगों से लाखों रुपये ठग लिए। आरोपी की चालबाजी इतनी परफेक्ट थी कि लोग उसकी वर्दी, नेमप्लेट और पुलिसिया बोलचाल देखकर धोखे में आ जाते थे।

लेकिन अंततः छुईखदान पुलिस की सतर्कता ने उसकी फर्जी अफसरी का भंडाफोड़ कर दिया। मामला तब सामने आया जब ग्राम छिंदारी निवासी सुखऊ राम नेताम ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति गुप्तेश्वर तिवारी उर्फ जी.पी. पांडे खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उनके रिश्तेदार धनेश्वर नेताम को पुलिस में भर्ती कराने का झांसा दे रहा था। इस बहाने आरोपी ने उनसे ₹1,06,000 की रकम ले ली। शिकायत में यह भी उल्लेख था कि आरोपी अक्सर पुलिस वर्दी में घूमता था और खुद को ‘थाना प्रभारी’ बताकर लोगों पर रौब झाड़ता था।

शिकायत मिलते ही छुईखदान थाना प्रभारी और सायबर सेल की संयुक्त टीम सक्रिय हो गई। टीम ने आरोपी की गतिविधियों पर गुप्त रूप से नजर रखनी शुरू की और उसके आने-जाने के रूट, संपर्कों और ठिकानों की जानकारी जुटाई। योजना बनाकर की गई घेराबंदी के दौरान पुलिस ने आरोपी को छुईखदान क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह पहले भी बोरतालाब और मोहगांव क्षेत्र में इसी तरह सरकारी नौकरी का झांसा देकर लोगों से पैसे ठग चुका है। जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से खाकी और कॉम्बैट दोनों प्रकार की वर्दी, तीन स्टार वाले फ्लैप, ‘G.P. Tiwari’ नाम की नेमप्लेट, छत्तीसगढ़ पुलिस का मोनो, बेल्ट, लेनयार्ड, मोबाइल फोन और नकद राशि बरामद की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने अपनी फर्जी पहचान को असली दिखाने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी।

उसका रहन-सहन, बात करने का तरीका और पुलिस जैसी वर्दी ने कई लोगों को गुमराह किया। छुईखदान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर उपजेल सलोनी भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं तथा उसने अब तक कितने लोगों को इसी तरह ठगा है। इस मामले पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा — ‘खाकी की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की वर्दी सिर्फ पहनने से कोई पुलिस नहीं बन जाता; इसके पीछे ईमानदारी, अनुशासन और जनता की सेवा की भावना जुड़ी होती है।’पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा सरकारी नौकरी या पुलिस भर्ती का लालच दिए जाने पर तुरंत नजदीकी थाने में इसकी सूचना दें। यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि समाज में सक्रिय फर्जी अधिकारी और ठग गिरोह किस तरह भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते हैं। पुलिस की सतर्कता से इस ठग का पर्दाफाश हुआ है, लेकिन ऐसे मामलों से बचने के लिए आम लोगों को भी सजग रहने की आवश्यकता है।

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