अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने ईरान युद्ध को जल्द राजनीतिक और कूटनीतिक तरीके से खत्म करने पर चर्चा की। आइए विस्तार से जानते हैं कि दोनों नेताओं ने क्या बात की। साथ ही ये भी जनेंगे कि किन मुद्दों पर चर्चा हुई।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिका और रूस के बीच बड़ी कूटनीतिक हलचल सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर बातचीत हुई है। इस बातचीत में ईरान युद्ध को जल्द राजनीतिक और कूटनीतिक तरीके से खत्म करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं की यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब क्षेत्र में संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है और वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ रही है।
रूस के राष्ट्रपति के कूटनीतिक सलाहकार यूरी उशाकोव ने बताया कि बातचीत खुली और रचनात्मक रही। इसमें ईरान के साथ चल रहे युद्ध और यूक्रेन से जुड़े हालात पर विस्तार से चर्चा की गई। पुतिन ने युद्ध को जल्द खत्म करने के लिए कई राजनीतिक और कूटनीतिक रास्तों पर अपने विचार रखे। उन्होंने यह भी बताया कि रूस खाड़ी देशों के नेताओं, ईरान के राष्ट्रपति और अन्य देशों से लगातार संपर्क में है।
ईरान युद्ध को लेकर पुतिन ने क्या सुझाव दिए?
रूस की ओर से कहा गया कि पुतिन ने युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने खाड़ी देशों के नेताओं और ईरान के राष्ट्रपति से हुई बातचीत का भी जिक्र किया। पुतिन का मानना है कि राजनीतिक बातचीत के जरिए इस संघर्ष को जल्दी समाप्त किया जा सकता है। रूस इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क बनाए हुए है।
ट्रंप ने युद्ध की अवधि को लेकर क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। उन्होंने इसे “अल्पकालिक सैन्य अभियान” बताया। ट्रंप ने अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अमेरिकी सेना अपनी शुरुआती योजना से भी आगे निकल चुकी है और अभियान तेजी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर क्या चर्चा हुई?
बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने वैश्विक तेल बाजार और वेनेजुएला की स्थिति पर भी चर्चा की। बताया गया कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। इसलिए अमेरिका और रूस दोनों इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि तेल आपूर्ति और कीमतों पर इसका क्या प्रभाव पड़ सकता है।
ईरान की सैन्य क्षमता पर ट्रंप का क्या दावा है?
ट्रंप ने एक साक्षात्कार में कहा भी था कि युद्ध के दौरान ईरान की सैन्य क्षमता को काफी नुकसान पहुंचा है। उनके अनुसार ईरान की नौसेना, संचार व्यवस्था और वायुसेना को गंभीर क्षति हुई है। ट्रंप का दावा है कि इस वजह से युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। हालांकि इस दावे पर स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

