पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव का असर अब पूरी दुनिया पर दिखाई देने लगा है। अमेरिका, ईरान और इस्राइल के बीच टकराव लगातार तेज हो रहा है। इस बीच मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति रोकने की कोशिश की गई तो अमेरिका 20 गुना ज्यादा ताकत से जवाब देगा। साथ ही अमेरिका ने यह भी दावा किया है कि उसने ईरान की 10 बारूदी नावों को नष्ट कर दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में से एक है और यहां किसी भी तरह की बाधा का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। इसी बीच इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की जनता से अयातुल्ला शासन के खिलाफ उठ खड़े होने की अपील की है।
अमेरिका ने रूस को भी चेतावनी दी है कि वह इस संघर्ष में ईरान के पक्ष में दखल न दे। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर भारत तक पहुंचने लगा है। गैस आपूर्ति में संभावित बाधा के कारण दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कमी की खबरें सामने आई हैं। कई गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं और होटल-रेस्टोरेंट उद्योग भी चिंतित है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने अपने सदस्यों के लिए ईंधन बचाने की एडवाइजरी भी जारी की है। ऊर्जा संकट की आशंका के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने घरेलू बाजार में एलपीजी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए जामनगर रिफाइनरी में उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए एअर इंडिया ने पश्चिम एशिया क्षेत्र के लिए 58 उड़ानें संचालित करने की घोषणा की है, ताकि खाड़ी देशों में फंसे लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो। इसी बीच देश की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा सामने आया है। केंद्र सरकार संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने के लिए नारी वंदन अधिनियम में बदलाव की तैयारी कर रही है। वहीं चीन भारत से सटी सीमा पर अपना रणनीतिक सड़क नेटवर्क मजबूत करने के लिए 394 किलोमीटर लंबा राजमार्ग बनाने की योजना पर काम कर रहा है। यह घटनाक्रम क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

